hi friends mai apna khuda blpgg bna rha hu aap logo ka suuport chahiye
स्लीप पैरालिसिस
मैने ऐसा अनुभव एक बार नही बल्कि बचपन से करता आया हूँ।लोग कहते है की ये तब होता है जब आप तनाव लेते है या कुछ ऐसा सोचतें हैं। लेकिन जब ये मुझे होना शुरु हुआ तब मै कुछ भी नही जानता था की ये मुझे क्या हो जाता है। तनाव लेने से मेरा कोई वास्ता नहीं था क्युकिं तब मैं छोटा था। मुझे आज भी याद है जब भी कभी मुझे बुरा सपना आता था तो अचानक मेरा शरीर जाग उठता। लेकिन मुझे पता लगता की मेरी आंखे नही खुल पा रहीं। मै मम्मी को अवाज लगाने की कोशिश करता की कोई आकर मुझे उठा दे। हाथ पैर पर शरीर एक लाश की तरह चुप सुन्न पडा होता था। बुरे सपने की वजह से ऐसा लगता की शायद किसीने मुझे काबू कर रखा है। मै रो जाता था की अब क्या होगा लेकिन मेरी आंखो से आंशु नही निकलते थे। धड़कन तेज हो जाती थी घबराहट होने लगती थी की क्या मैं हमेशा ऐसा ही रह जाऊंगा? लेकिन मे उठ जाता 3–5मिनट बाद। जो मेहसूस करता है वो अपनी जीन्दगी मे जीने के लिये लड़ रहा होता है खुद्से की मै उठूँगा। उसे पता होता है की कोई भी उसे नही उठा सकता। जब भी मै उठता अपनी मम्मी के पास जाकर चिपट जात...
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